पराली जलने से हरियाणा-पंजाब में बढ़ा प्रदूषण - डॉ. संदीप कटारिया

क्राइम रिफॉर्मर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. संदीप कटारिया ने बताया कि केंद्र सरकार के प्रयासों के बावजूद पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने का सिलसिला रूकने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों राज्यों में पिछले दो दिनों में पराली जलाने की करीब 200 घटनाओं की रिपोर्ट हुई है। इन घटनाओं की रिपोर्ट मिलने ही केंद्र सरकार हरकत में आ गई है। राज्यों को निगरानी बढाने और घटनाओं की हर दिन की जानकारी देने के लिए निर्देश दिए गए हैं। डॉ. कटारिया ने बताया कि इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि अभी सिर्फ उन्हीं फसलों की कटाई शुरू हुई, जो 20 जून के पहले रोपी गई थी। 20 जून के बाद रोपी गई फसलों की कटाई 7 अक्टूबर के बाद शुरू होगी। आने वाले दिनों में इन घटनाओं के बढ़ने की आशंका है। इससे दिल्ली-एनसीआर को पराली के जहरीले धुएं से परेशान होना पड़ सकता है। 



डॉ. कटारिया ने बताया कि पंजाब और हरियाणा में पराली जलने की घटनाओं से दिल्ली में भी खलबली मची है, क्योंकि इसकी रोकथाम को लेकर कार्यालय में बैठक हो चुकी है। अफसरों ने पिछले साल आनन-फानन में तैयारियों का हवाला देते हुए खुद को बचा लिया था, लेकिन इस बार पहले से ही सारी तैयारियों को पूरा करने का दावा किया गया था। इसके तहत दोनों ही राज्यों में खेतों में ही पराली नश्ट करने वाली 50 हजार मशीनों को बांटे जाने का दावा किया गया था। पिछले साल भी दोनों ही राज्यों में करीब 40 हजार मशीनें बांटी गई थी। खास बात यह है कि किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए केंद्र सरकार ने करीब 1200 करोड़ की राशि भी जारी की थी, जिनमें पिछले साल करीब 500 करोड़ रूपये खर्च किए गए थे।


दिल्ली व एनसीआर में सर्दी की दस्तक से पहले ही पराली का काला धुआं पपहुंचने लगा है। हवा की बदली दिशा के साथ इस धुएं का ही असर है, गुरूग्राम के अलावा दिल्ली एनसीआर में सभी जगहों पर एयर इंडेक्स 100 का आंकड़ा पार कर कहीं अधिक पहुंच गया। दिल्ली का एयर इंडेक्स 24 घंटों के दौरान 90 से बढ़कर 136 जा पंहुचा। पर्यावरण प्रदूशण नियंत्रण एवं संरक्षण प्राधिकरण ने भी पराली के धुएं का असर स्वीकार किया है। 


गौरतलब है कि पिछले करीब दो माह से दिल्ली-एनसीबार का एयर इंडेक्स 100 से नीचे चल रहा है। इस श्रेणी की हवा को अच्छी या संतोशजनक कहा जाता है। लेकिन एक या दो दिन में दिल्ली, गाजियाबाद, नोएड़ा, ग्रेटर नोएडा और भिवाड़ी इत्यादि सभी जगहों पर यह 131 से 188 तक पहुंच गया। हालांकि स्थिति अभी नियंत्रण में ही है। 


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