सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले म्यूचुअल फंड

एक्सिस म्यूचुअल फंड ने निजी बैंकों और कुछ चुनिंदा एनबीएफसी सहित फाइनेंशियल सेक्टर पर बड़े पैमाने पर निवेश किया है.





दो एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) एक्सिस म्यूचुअल फंड और मिराए एसेट म्यूचुअल फंड ने पिछले पांच साल में अलग-अलग अवधि में शानदार रिटर्न दिया. वहीं, इस दौरान ज्यादातर फंड हाउस संघर्ष करते दिखे. दोनों फंड हाउसों की इक्विटी स्कीमों का एक, तीन, और पांच साल की अवधि में बेहतरीन प्रदर्शन रहा है.

क्या आप जानना चाहते हैं कि इन फंड हाउसों ने बाजार में कहां निवेश किया है? पिछले एक महीने में अपने पोर्टफोलियो में उन्होंने क्या बदलाव किया है? शायद शेयरों में उनकी एंट्री और एग्जिट के बारे में जानने या उनके आवंटन में वृद्धि और कमी आपको निवेश का कुछ आइडिया दे सकती है.

एक्सिस म्यूचुअल फंड ने निजी बैंकों और कुछ चुनिंदा एनबीएफसी सहित फाइनेंशियल सेक्टर पर बड़े पैमाने पर निवेश किया है.


सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले फंड हाउस की टॉप होल्डिंग में एचडीएफसी बैंक शामिल है. इसके शेयरों की संख्या में उसने 4.69 फीसदी की बढ़ोतरी की है. एचडीएफसी बैंक में AMC का कुल निवेश 31 अक्टूबर तक 4,366 करोड़ रुपये था.

एएमसी ने बजाज फाइनेंस में अपने शेयरों की संख्या में लगभग 10 फीसदी की कमी की है. यह शेयर सितंबर तक टॉप होल्डिंग में था. अक्टूबर में यह दूसरे नंबर पर आ गया. एक्सिस म्यूचुअल फंड की इस शेयर में 4,257 करोड़ रुपये की मार्केट वैल्यू है. इस साल अब तक बजाज फाइनेंस ने 56 फीसदी की छलांग लगाई है.

एक्सिस म्यूचुअल फंड की होल्डिंग में कोटक महिंद्रा बैंक, एवेन्यू सुपरमार्ट्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन, आईसीआईसीआई बैंक, बंधन बैंक, पिडिलाइट इंडस्ट्रीज और इंफो एज (इंडिया) भी शामिल हैं.

मिराए एसेट म्यूचुअल फंड ने प्रमुख रूप से बैंक, सॉफ्टवेयर और कंज्यूमर ड्यूरेबल फर्मों में निवेश किया है. टॉप शेयर होल्डिंग में एचडीएफसी बैंक है. अक्टूबर में फंड हाउस ने अपनी हिस्सेदारी 2 फीसदी बढ़ा दी है. इससे कुल निवेश 2,671 करोड़ रुपये हो गया है.

फंड हाउस की टॉप होल्डिंग में शामिल अन्य शेयरों में आईसीआईसीआई बैंक (2,097 करोड़ रुपये), रिलायंस इंडस्ट्रीज (1,671 करोड़ रुपये), भारतीय स्टेट बैंक (1,541 करोड़ रुपये), इंफोसिस (1,301 करोड़ रुपये), एक्सिस बैंक (1,251 करोड़ रुपये) , आईटीसी (1,133 करोड़ रुपये) और लार्सन एंड टुब्रो (1,100 करोड़ रुपये) हैं.



गृह फाइनेंस से एक्सिस म्यूचुअल फंड पूरी तरह निकल गया है. गृह फाइनेंस एचडीएफसी लिमिटेड की हाउसिंग फाइनेंस कंपनी है. इसका 17,700 करोड़ रुपये का लोन पोर्टफोलियो था. 18 अक्टूबर को गृह फाइनेंस और बंधन बैंक का विलय हो गया. बंधन बैंक में एएमसी की हिस्सेदारी 1.15 करोड़ शेयरों से बढ़कर 2.09 करोड़ हो गई.

फंड हाउस ने पिडिलाइट इंडस्ट्रीज में भी अपनी होल्डिंग कम कर ली है. इसने कंपनी में 19.42 फीसदी शेयर बेचे हैं.

मिराए एसेट म्यूचुअल फंड ने अक्टूबर में इंफोसिस के 73.67 लाख शेयर खरीदे हैं. इंफोसिस के शेयरों में अक्टूबर में 17 फीसदी की गिरावट आई थी. दावा किया गया था कि सीईओ सलिल पारेख और सीएफओ नीलंजन रॉय ने अनैतिक तरीकों से काम किया था. इसकी जानकारी एक पोल खोलने वाले व्यक्ति ने दी थी.

एएमसी ने अक्टूबर में डाबर इंडिया के अतिरिक्त शेयर खरीदे हैं. फंड हाउस के पास कंपनी के कुल 1.35 करोड़ शेयर हैं. यह आंकड़ा सितंबर से 22 फीसदी ज्यादा है.





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