अब टैक्स रिटर्न आसान और किफ़ायती

देश में कई ऑनलाइन टैक्स फ़ाइलिंग वेबसाइट करदाताओं को कम कीमत में सेवाएं मुहैया करा रही हैं।




कर भरने से संबंधित नियमों में हर साल बदलाव हो रहा है, इसलिए रिटर्न भरने वालों के लिए यह सिरदर्दी साबित हो सकता है। इसकी वजह यह है कि उन्हें बिना किसी गलती के रिटर्न भरने के लिए नए नियमों की जानकारी रखनी होगी। इस वजह से बहुत से लोग गलती कर जाते हैं। एक ऑनलाइन टैक्स फाइलिंग वेबसाइट क्विको डॉट कॉम के संस्थापक विश्वजीत सोनगरा के मुताबिक पिछले आकलन वर्ष में आयकर रिटर्न भरने वाले 6-75 करोड़ लोगों में से 1-25 करोड़ को कर नोटिस मिले।


इनमें से ज्यादातर वेतनभोगी थे। इन करदाताओं ने आयकर रिटर्न में जो ब्योरे भरे, वे फॉर्म 26एएस से मेल नहीं खते थे। टैक्सस्पैनर डॉट कॉम के सीएफओ और सह-संस्थापक सुधीर कौशिक ने कहा, 'पिछले कुछ वर्षों के दौरान कर विभाग ने तकनीक का इस्तेमाल कर एक मजबूत निगरानी व्यवस्था बनाई है। करदाताओं को रिटर्न भरते समय यह सुनिश्चत करना चाहिए कि सभी आय शामिल कर ली गई हैं।'


31 जुलाई आने में महज कुछ सप्ताह रह गए हैं, इसलिए करदाताओं को जल्द से जल्द रिटर्न भरने के लिए तैयार रहना चाहिए। ऑनलाइन कर फाइलिंग वेबसाइट का इस्तेमाल करने से कम लागत में बिना गलती के रिटर्न भरने में मदद मिल सकती है। कर विभाग हर साल ब्योरों की पुष्टि के तरीके जारी करता है, जिन्हें इन वेबसाइटों को अपनाना चाहिए। इन नियमों से उन ब्यारों की पुष्टि होती है, जो करदाता ने मुहैया कराए हैं। इन वेबसाइटों में से ज्यादातर गलतियों से बचने के लिए पिछले अनुभवों के आधार पर अतिरित्तफ़ जांच करती हैं।


ज्यादा जटिल रिटर्न तो ज्यादा लगेंगे दाम 


अगर आप कोई सहायता नहीं लेना चाहते हैं तो क्लीयरटैक्स डॉट इन और एचआरब्लॉक डॉट इन जैसी कुछ ऑनलाइन टैक्स फाइलिंग वेबसाइट आपको मुफ्रत में अपना प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने देती हैं। अगर व्यत्तिफ़ के पास इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मेट में फॉर्म 16 है तो वह इसे प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर सकता है। सॉफ्रटवेयर स्वतः ही सूचना को पढ़ता है और आय एवं करों की गणना करता है। अगर करदाता ने नौकरी बदल दी है और उसके पास कई फॉर्म 16 हैं तो यह प्लेटफॉर्म विभिन्न फॉर्मों से आंकड़ों को जोड़ देता है और कुल आय एवं कर देनदारी का आकलन कर देता है। टैक्सस्पैनर डॉट कॉम जैसे अन्य प्लेटफॉर्म खुद भरने के लिए 249 रुपये वसूलते हैं। क्विको डॉट कॉम 299 रुपये लेती है।


अगर वेतनभोगियों को कर भरने के लिए मदद की जरूरत होती है तो वे असिस्टेड फाइलिंग के थोड़े महंगे प्लान का विकल्प चुन सकते हैं। यह 499 रुपये से लेकर 799 रुपये तक है। अगर विदेशी आय या पूंजीगत लाभ भी है तो लागत ज्यादा होगी। ज्यादातर वेबसाइटों के पार्टनर अकाउंटेंट (सीए) हैं, जो टैक्स रिटर्न भरते हैं। एचऐंडआर ब्लॉक इंडिया और क्विको जैसी कुछ वेबसाइट इन हाउस कर्मचारियों और सीए के साथ मिलकर काम करती हैं।


अगर आपको मुहैया कराए गए विशेषज्ञ से आप नाखुश हैं तो आप उन्हें बदलने का आग्रह कर सकते हैं। करदाता के पास कर से संबंधित मसलों पर एक सीमित समय के लिए फोन पर सीए से बातचीत करने का भी विकल्प होता है। सीए से बातचीत करने की लागत 499 रुपये से लेकर 999 रुपये तक है।


जल्दी और आसानी से रिटर्न भरना  


ये प्लेटफॉर्म तकनीक इस्तेमाल करते हैं, इसलिए अगर सभी आवश्यक दस्तावेज उनके प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर दिए गए हैं तो एक वेतनभोगी महज 10 मिनट में रिटर्न भर सकता है। जब आप ब्योरा भरते हैं तो शेयरों, सावधि जमा, आवसीय संपत्ति से पूंजीगत लाभ की गणना स्वतः हो जाती है। तेजी से रिटर्न भरने के लिए इन प्लेटफॉर्मों में से ज्यादातर आपसे कुछ सवाल पूछते हैं। आपसे प्रॉपर्टी बेचने या नौकरी बदलने आदि से संबंधित कुछ सवाल पूछे जाते हैं। इन सवालों के जवाबों के आधार पर प्लेटफॉर्म आईटीआर फॉर्म और अन्य दस्तावेजों का फैसला करता है, जिन्हें आपको अपलोड करने की जरूरत है।


क्लीयरटैक्स के संस्थापक और सीईओ अर्चित गुप्ता ने कहा, 'हमारे पास उन पेशेवरों और छोटे कारोबारियों के लिए भी ऐसे ही सवालों के सेट होते हैं, जो संभावित कर योजना का विकल्प चुनना चाहते हैं।' करदाताओं विशेष रूप से फ्रीलांसर के लिए यह पता लगाना भ्रामक हो सकता है कि वे संभावित कर योजना के लिए पात्र हैं या नहीं। ये सवाल रिटर्न भरने की शुरुआत से पहले पूछे जाते हैं, जो पात्रता को जानने में मदद कर सकते हैं। बिना गलती और तेजी से रिटर्न भरने के अलावा सहूलियत भी इन प्लेटफॉर्मों को आयकर विभाग की ऑनलाइन टैक्स फाइलिंग वेबसाइट पर रिटर्न भरने के बजाय बेहतर विकल्प बनाते हैं।


एचऐंडआर ब्लॉक इंडिया में कर अनुसंधान प्रमुख चेतन चांडक ने कहा, 'हम ग्राहकों के सवालों का कॉल, ईमेल और मैसेज के जरिये त्वरित जवाब देते हैं और उनके सवालों का जल्द से जल्द समाधान करते हैं। हर ग्राहक के लिए साल भर एक कर सलाहकार मौजूद रहता है।' इन प्लेटफॉर्मों में से कुछ ने रिटर्न भरने के लिए ऐप शुरू किए हैं, लेकिन वे अभी लोकप्रिय नहीं हैं। ज्यादातर लोग अपने कंप्यूटरों पर रिटर्न भरने को तरजीह देते हैं।


गलतियों पर विराम 


ये वेबसाइट हर चरण में आपके ब्योरे के सत्यापन के लिए कई तरीके इस्तेमाल करती हैं। सोनगरा इसके लिए सेक्शन 16 के तहत छूटों का उदाहरण देते हैं। सरकारी कर्मचारियों को मनोरंजन भत्ते और पेशेवर कर के रूप में कुल 7,500 रुपये की छूट मिलती है। लेकिन बहुत से लोग चैप्टर 6ए के तहत उपलब्ध इन छूटों को लेकर भ्रमित होते हैं। यह चैप्टर कर बचत से संबंधित निवेशों के लिए है। अगर सेक्शन 16 के तहत छूट के दावे 7,500 रुपये से अधिक हैं तो करदाता गलती को ठीक किए बिना रिटर्न भरने में आगे नहीं बढ़ सकता।


अब हर प्लेटफॉर्म रिटर्न का मिलान उस ब्योरे से करता है, जो फॉर्म 26एएस में है ताकि यह पता लगाया जा सके कि सभी आय शामिल कर ली गई हैं। बहुत से लोग उस जगह अपना मोबाइल नंबर भर देते हैं, जहां उन्हें अपनी कुल आय भरनी होती है। यह सॉफ्रटवेयर इन गलतियों का पता लगा सकता है।


गलतियों के लिए करदाता जिम्मेदार 


इन सब जांचों के बाद भी रिटर्न भरने में गलती की संभावना होती है। एक ऐसा मामला सामने आ चुका है, जिसमें ऑनलाइन टैक्स फाइलिंग वेबसाइट ने एक करदाता के वेतन को भरने में गलती कर दी। कर आकलन अधिकारी ने कर की मांग निकाल दी। जब यह मामला आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण में गया तो उसने कहा कि यह गलती स्वाभाविक है और यह सब करदाता की तरफ से जानबूझकर नहीं किया गया इसलिए उसे जिम्मेदार न ठहराया जाए। सही कर रिटर्न भरने की जिम्मेदारी करदाता की है क्योंकि सही ब्योरा मुहैया कराने और सही रिटर्न भरे जाने की जांच करने की जिम्मेदारी उसी की है। सभी प्लेटफॉर्म रिटर्न भरने से पहले अपने ग्राहकों को एक समरी भेजते हैं। यह जरूरी है कि आप रिटर्न भरने के बाद उसकी समीक्षा करें। 


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