हाइपरटेंशन बीपी को बढ़ने से रोकने के लिए रोजाना करें ब्रीदिंग एक्सरसाइज, तनाव से रहेंगे मुक्त

क्या आप उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं? तो आप इन ब्रीदिंग एक्सरसाइज को रोजाना आजमाएं। ये एक्सोरसाइज रक्तचाप  के स्तर को कम करने में मदद करती हैं साथ ही आपके दिमाग को भी शांत करेंगी। इससे आपको तनाव को कम करने में मदद मिलेगी।




हाइपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर आज एक आम समस्यौ बन गई है, इससे न सिर्फ अधेड़ उम्र के लोग बल्कि युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। एक समय था, जब इस प्रकार की समस्या उम्र बढ़ने पर होती है, लेकिन अब दौर बदल गया है। आज, यह किसी को भी हो सकता है और इसका कारण अत्यधिक तनाव, गतिहीन जीवन शैली और गलत खाद्य पदार्थों का सेवन है। और अगर हाई बीपी का पारिवारिक इतिहास है तो जोखिम और भी बढ़ जाता है। व्यस्त जीवन को देऽते हुए, हम अक्सर अपने बीपी को सुधारने का समय नहीं निकाल पाते हैं।


इसलिए, यहां कुछ सांस लेने की तकनीकें यानी ब्रीदिंग एक्सरसाइज के बारे में हम आपको बता रहे हैं, जिन्हें आपको हाई बीपी के लिए करना चाहिए, ये आपका ज्यादा समय नहीं लेंगी, बल्कि ये आपके बीपी को कम करने में आपकी मदद करेंगी। ये आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने के साथ आपको फिर से जीवंत कर देंगी।


साम वृत्ति


यह एक बहुत ही सरल सांस लेने की तकनीक है और यह कहीं भी किया जा सकता है। यह आपको आराम करने और शांत करने में मदद करता है, जो अंततः रत्तफ़चाप के स्तर को नीचे लाता है। सोने जाने से पहले ऐसा करें क्योंकि यह तब अधिक फायदेमंद होगा।


कपालभाति प्राणायाम


इस श्वांस तकनीक के कई स्वास्थ्य लाभ हैं। इसके फायदे प्राप्त करने के लिए इसे सुबह खाली पेट पर करें। यह आपके रत्तफ़ को डिटॉक्स करता है, आपको उच्च रत्तफ़चाप सहित बीमारियों से मुत्तफ़ करता है। हालांकि, इससे पहले कि आप यह अभ्यास करना शुरू करें, डॉक्टर से परामर्श करना जरूरी है।


अनुलोम-विलोम प्राणायाम


यह तकनीक आपके तंत्रिका तंत्र को साफ करने में मदद करती है और रत्तफ़ परिसंचरण में भी सुधार करती है। यह मधुमेह और उच्च रत्तफ़चाप के खतरे को कम करने के लिए भी जाना जाता है।


सीतकारी प्राणायाम


यह सबसे अच्छी सांस लेने की तकनीक में से एक है। यह आपके उच्च रत्तफ़चाप को नियंत्रण में रखने में मदद करता है और रत्तफ़चाप के स्तर को कम करने में मदद करता है, जिससे तनाव का स्तर कम होता है।


30 सेकेंड डीप ब्रीदिंग एक्सोरसाइज


सांस लेने की इस तकनीक को मौन में करें। जापान में किए गए एक शोध अध्ययन से पता चलता है कि इस श्वास तकनीक में रत्तफ़चाप के स्तर को कम करने और बनाए रखने की क्षमता है।


इन श्वास तकनीकों का पालन करें, और आप अपने रत्तफ़चाप के स्तर में आए बदलावों का आकलन करें। हालांकि, अवांछित जटिलताओं से बचने के लिए इन तकनीकों को करने से पहले आपको अपने चिकित्सक से परामर्श करने की सलाह दी जाती है।


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