रोजर फेडरर से टक्कर लेने वाले सुमित नागल को नहीं मिल रही मदद, बयां की आपबीती

भारत के उभरते टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल को आर्थिक मदद नहीं मिल रही। विराट कोहली का फाउंडेशन उनकी मदद करता है लेकिन वो नाकाफी है।




यूएस ओपन में अपने दमदार खेल से रोजर पफेडरर जैसे दिग्गज को कड़ी टक्कर देने वाले भारतीय टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल ने कहा कि अब उन्हें आर्थिक तौर पर समर्थन की जरूरत है लेकिन लोग उनसे दूर भाग रहे हैं। नागल ने यूएस ओपन के बाद चैलेंजर सर्किट के दो टूर्नामेंटों के पफाइनल में जगह बनाई। पैसों की कमी की वजह से अर्जेटीना में खेले गए चैलेंजर ट्रॉपफी में उनके साथ ना तो कोच थे और ना ही पिफजियो जो उन्हें मुश्किल हालात में मदद कर सकें।


ब्यूनस आयर्स में मौजूद सुमित नागल ने कहा, 'मैं यहां अकेला था। मेरी मदद के लिए यहां कोई भी मौजूद नहीं था। एक तरपफ यह अच्छा है कि मैं बेहतर टेनिस खेल रहा हूं लेकिन यह आसान नहीं है और मैं बहुत निराश हूं।' झज्जर के इस खिलाड़ी ने कहा कि रैंकिंग में शीर्ष 100 के करीब पहुंचने के बाद भी उन्हें समर्थन नहीं मिल रहा है।


सुमित नागल ने कहा, 'मेरे पास अब भी उतना ही बजट है जितना 2018 में था लेकिन उस समय मेरी रैंकिंग 350 थी। अभी मुझे सबसे ज्यादा समर्थन की जरूरत है। लोग मुझसे मुंह मोड़ रहे हैं। यूएस ओपन में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद भी मैं अकेला हूं। 22 साल की उम्र में मैंने मुख्य ड्रॉ में जगह बनाई और पफेडरर को एक सेट में हराया लेकिन इसका कुछ असर नहीं हुआ। यह कापफी निराशाजनक है कि टेनिस में निवेश करने के लिए कोई आगे नहीं आ रहा है।'


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सुमित नागल ने कुछ समय के लिए सरकार की टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना ;टॉप्सद्ध में जगह बनाई जिसमें खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। उन्हें बाद में इससे बाहर कर दिया गया। टॉप्स योजना में ओलंपिक में पदक की संभावना वाले खिलाड़ियों को 50000 रुपए की मासिक आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। अब केवल डबल्स विशेषज्ञ रोहन बोपन्ना और दिविज शरण को ही टॉप्स के माध्यम से समर्थन मिल रहा है।


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सुमित नागल की प्रतिभा की पहचान करने वाले कई बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन महेश भूपति ने कहा कि अगर नागल के स्तर के खिलाड़ी को समर्थन नहीं मिलता है तो यह पूरी प्रणाली की विपफलता है। उन्होंने कहा, सुमित एक विशेष प्रतिभा हैं और पिछले छह महीने में उनका प्रदर्शन यह दर्शाता है। जब आप उनके जैसी प्रतिभा को देखते हैं जिन्हें आने वाले ओलंपिक या उसके बाद के ओलंपिक के लिए समर्थन नहीं मिलता है तो मैं इसे पूरी प्रणाली की बड़ी विपफलता मानता हूं।


कोहली पफाउंडेशन से मिलती है मदद


सुमित नागल को विराट कोहली पफाउंडेशन से समर्थन मिलता है लेकिन इससे टेनिस खिलाड़ी की सभी जरूरत पूरी नहीं होती। नागल ने कहा, कोहली की संस्था अच्छा ऽर्च कर रही है लेकिन यह टेनिस खिलाड़ी के सभी खर्चों को पूरा नहीं करता। शीर्ष 100 खिलाड़ियों को कोच, पिफटनेस, पिफजियो की जरूरत होती है। नागल जैसे खिलाड़ी को सालाना खर्च के लिए करीब दो लाख 20 हजार यूरो ;डेढ़ करोड़ रुपएद्ध की जरूरत होती है।


सुमित नागल ने आगे कहा कि मेरे हिसाब से एक खिलाड़ी ही अपनी प्रतिभा की पहचान कर सकता है। इसलिए मैं गोपी ;गोपीचंदद्ध और मलव के माध्यम से रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा हूं और मुझे उम्मीद है कि वे मुझे सही रास्ता दिखा सकते हैं। मैं अभी भी पफंसा हुआ हूं। मुझे अपने लिए कोच पाने के लिए रास्ता ढूंढना होगा। इन गर्मियों में ज्यादातर टूर्नामेंट में मैं अकेला ही खेला हूं। यह कितना मजाकिया है कि वे कहते हैं कि अगर तुम्हें मदद की जरूरत हो तो हमें बताना और जब आप उनसे पूछते हैं तो वह आपको जवाब तक नहीं देते। 


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