उपलब्धियों के नए आयाम को छूएगा वर्श 2020 - डॉ. संदीप कटारिया

क्राइम रिफॉर्मर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संदीप कटारिया ने बताया कि जब हम वर्श 2019 के पूरे साल के घटनाक्रमों पर नजर डालते हैं , तो पाते हैं कि इस साल बहुत कुछ हुआ, जिसने भारत की राजनीति से लेकर भूगोल तक को प्रभावित किया है और उसका असर नए साल में भी दिखाई देगा। गुजरे वर्श में पुलवामा जैसे आतंकी हमले ने देश को झकझोरा तो भारत ने बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक व बाद में एयर स्ट्राइक करके पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों को ध्वस्त भी किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा नीत राजग को लोकसभा में प्रचंड मिला। संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधान को खत्म कर जम्मू-कश्मीर व लद्दाख को दो केंद्रशा सित प्रदेश बनाया गया, इस फैसले ने जेएंडके राज्य का भूगोल व राजनीतिक नक्षा  बदल दिया। तीन तलाक कानून को अमलीजामा पहनाया गया, जिससे तलाक पीड़ित मुस्लिम  महिलाओं के लिए न्याय का मार्ग प्रषस्त हुआ। राम मंदिर पर सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला देकर इस मुद्दे का पटाक्षेप कर दिया। 2019 में पीएम ने अमित शाह का गृहमंत्री बना कर चैंकाया तो नया जलशक्ति मंत्रालय बना कर देश में पेयजल की समस्या की तरफ अपनी सरकार की प्राथमिकता तय की। नागरिकता संषोधन कानून का बनना व राश्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को हरी झंडी साहसिक घटना रहे। चंद्रयान दो जरूर असफल रहा पर इसरो ने अनेक कीर्तिमान रचे। पूरे साल मोदी-शाह की जोड़ी सुखिर्यों की सरताज रही। इस साल संसद में गृहमंत्री के तौर पर अमित शाह ने अपनी छाप छोड़ी। चाहे 370 का मामला हो, या तीन तलाक का या नागरिकता कानून का, सभी मौके पर शाह पूरी तैयारी के साथ संसद में आए और विपक्ष के सभी  सवालों का जवाब दिया। बीते साल में भाजपा को राजनीति झटका अवष्य लगा। उसके हाथ से महाराश्ट्र-झारखंड जैसे राज्य निकले तो कर्नाटक जैसे राज्य आए भी। एसी-एसटी वर्ग के बीच भाजपा की लोकप्रियता कम हुई। इसका फायदा क्षेत्रीय दलों व कांग्रेस को होता दिखा। आर्थिक मोर्चें पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार जूझती दिखीं। साल भर खाद्य महंगाई सताती रही, प्याज के भाव रूलाते रहे। ऊर्जित पटेल के इस्तीफे के बाद रिजर्व बैंक की कमान संभालने वाले शक्तिकांत दास ने सरकार व आरबीआई के बीच जारी टकराव को तो समाप्त कर दिया, लेकिन अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में सफल होते नहीं दिखे। पीएसयू बैंकों का विलय किया गया, लेकिन एनपीए पर बहुत सफलता नहीं मिली। अमेरिका-चीन के बीच जारी टेªड वार का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर दिखा, जिससे जीडीपी दर में तिमाही दर तिमाही गिरावट दिखी। आर्थिक सुस्ती के चलते उद्योग जगत में भी सरकार के प्रति असंतोश दिखा। साल के आखिर में समूचे देश में नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्षन हुए, जिसने सरकार को असहज किया। विदेश के मोर्चे पर इस साल भारत अमेरिका व चीन के साथ संतुलन साधे रखा। अमेरिका में यूएस राश्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाउदी मोदी कार्यक्रम ने समूचे दुनिया का ध्यान खींचा। मोदी की लोकप्रियता षिखर पर पहुंची। आतंकवाद को पालने के चलते साल भर पाकिस्तान पर एफएटीएफ से ब्लैकलिस्ट की तलवार लटकती रही। साल के अंतिम दिन देश को जनरल बिपिन रावत के रूप में पहला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ व जनरल मनोज मुकुंद नरवणे के रूप में नया थलसेना प्रमुख मिलना सुखद रहा। 2019 की घटनाओं का असर 2020 में भी देखने को मिलेगा। आज हमने नए साल में कमद रखा है। हमारे सामने नई उम्मीदें हैं, नई चुनौतियां भी हैं। 201़9 के आलोक में नए साल को देखें तो कष्मीर में स्थिति और सामान्य होने की उम्मीद है। आतंकवाद से निपटने में और सफलता मिलेगी। नए सेना प्रमुख ने कमान संभालते ही कहा है कि आतंकवाद का खत्मा उनकी प्राथमिकता में होगा। सीडीएस के नेतृत्व में तीनों सेनाओं में समन्वय देखने को मिलेगा। भारत विष्व का पांचवा देश  बना है जहां सीडीएस पद है। सरकार के सामने इस साल नागरिकता कानून के विरोध में चल रहे उग्र विरोध प्रदर्षन को शात करने की चुनौती भी होगी। सरकार ने 100 लाख करोड़ पांच साल में इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करने का ऐलान किया है, इससे अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। नए आर्थिक सुधार देखने को मिलेंगे, जिसका संकेत वित्त मंत्री ने दिया है। सरकार के सामने विकास दर को पटरी पर लाने की बड़ी चुनौती होगी। मौजूद 4.5 फीसदी जीडीपी दर है। रोजगार सृजन करना है तो ग्रोथ रेट बढ़ाना जरूरी है। भाजपा के सामने बिहार, पुडुचेरी व दिल्ली का विधानसभा चुनाव होगा। अमित शाह भाजपा अध्यक्ष का पद छोड़ सकते हैं। मोदी व शाह की जोड़ी का जलवा नए साल में भी देखने को मिलेंगे। नए साल में सुप्रीम कोर्ट को सीएए, कष्मीर, चुनावी बॉन्ड, यूएपीए व ईडब्ल्यूएस आरक्षण योजना पर फैसले देना है। चंद्रयान-3 लांच हो सकता है। इसरो कई नए उपग्रह भी लांच करेगा। अंतरिक्ष में भारत और मजबूत होगा। उम्मीद की जा सकती है कि नव वर्श में भारत सभी क्षेत्रों में उपलब्धियों के नए आयाम को छूएगा।



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